Navratri Ke Chamatkari Upay

Navratri Ke Chamatkari Upay , ” Jo Bhi Bhakt Maa Jagdamba Ka Vart 9 Days Tak Sache Man Se Karte Hai Aur Vidhi Vidhaan Purvak Maa Ka Pooja Paath Karte Hai. Unki Sabhi Manokamna Maa Puri Karti Hai. Navratri Per 9 Days Tak Maa Ke Parti Sardha Rakh Kar Jo Log Vart Karte Hai Unke Uper Maa Ki Kripya Barsti Hai.

21 सितंबर गुरुवार से नवरात्रि का पावन महीना शुरु हो रहा है। नवरात्रि पर नौ दिनों तक मां दुर्गा की विशेष कृपा भक्‍तों पर होती है। इस बार नवरात्रि के शुभ अवसर पर मां दुर्गा को पालकी से लाने की मान्‍यता है।

Navratri Ke Chamatkari Upay

लेकिन भूलवश लोग ऐसी गलती कर बैठते हैं, जिससे मां दुर्गा नाराज हो जाती हैं और जीवन में सबकुछ गड़बड़ होने लगता है और गंभीर परिणाम देखने को मिलते हैं। नवरात्रि के शुभ अवसर पर मां का व्रत रखने पर यह चीजें वर्जित हैं। यदि इनका प्रयोग आप भूल से भी करते हैं तो पूजा पाठ सब व्‍यर्थ हो जात है और उसका फल नहीं मिलता। हम आपको बता रहे हैं कि व्रत में क्‍या सावधानियां रखनी चाहिए।

भूलकर भी न करें यह काम

  • नवरात्रि के समय नौ दिन तक नॉनवेज नहीं खाना चाहिए।
  • व्रत रखने वाले व्‍यक्ति को न तो बाल कटवाना चाहिए, न ही शेविंग करनी चाहिए। बच्‍चों का मुंडन करवाना भी हशुभ माना जाता है।
  • अखंड ज्‍योति कलश स्‍थापना के बाद घर को खाली नहीं छोड़ना चाहिए। साथ ही नौ दिनों तक यह लगातार प्रज्‍वलित रहना चाहिए।
  • नौ दिनों तक प्‍याज, लहसुन आदि का प्रयोग नहीं करना चाहिए। नींबू का काटना भी अशुभ माना जाता है।
  • विष्‍णु पुराण में कहा गया है कि नौ दिनों में दोपहर में नहीं सोना चाहिए। व्रत को लेकर किए गए सारे प्रयास व्‍यर्थ हो जाते हैं और मां का आशीर्वाद नहीं प्राप्‍त होता।

नवरात्रि के ये टोटके बदल देंगे आपकी किस्मत

नवदुर्गा को समर्पित नवरात्र अत्यधिक शुभ होते हैं। नौ दिन मां को प्रसन्न के लिए हर श्रद्धालु प्रयास करता है। धर्म-कर्म में विश्वास न करने वाला व्यक्ति भी नवरात्र में सात्विक जीवन जीना चाहता है।

नवरात्र के दिनों में पड़ने वाला मंगलवार अत्यधिक महत्व रखता है, क्योंकि यह दिन वीर बंजरगी को समर्पित है। भगवती दुर्गा और हनुमान जी की पूजा मंगलवार के दिन सदियों से एक साथ होती आ रही है।

भगवती पूजन से भक्तों को अद्भुत शक्ति और अलौकिक ऋद्धि-सिद्धि प्राप्त होती है, जो जितनी निष्ठा और श्रद्धा से, नियमित पूजन करते हैं, उतना ही लाभान्वित होते हैं। इन्हीं दिनों पूजन के साथ-साथ मंत्र साधना का भी विशेष महत्व है।

प्रतिदिन मंत्र जाप और भगवती दुर्गा की स्तुति से सुखमय, वैभवमय उत्कर्षमय जीवन व्यतीत करते हैं। मूल सप्तश्लोकी दुर्गा, श्री दुर्गाष्टोत्तर शतनामस्तोत्रम् श्री दुर्गा द्वाङ्क्षत्रशन्नाम माला, सिद्धकुंजिकास्तोत्रम् आदि के पाठ से मनुष्य सब प्रकार के भय और पीड़ा से मुक्त हो जाता है।

देवी दुर्गा के मंदिर में 21 केलों का भोग लगाएं और मंत्रों का जाप करें, फिर प्रसाद बांट देने से हर मुराद पूरी होती है। मां भगवती दुर्गा की आराधना के लिए बीज मंत्र वांछनीय फलदायक है।

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